Cognizant की PERM फाइलिंग पर US लेबर डिपार्टमेंट की रोक: जानिए क्या है PERM और Green Card प्रक्रिया
अमेरिका में रोजगार आधारित इमिग्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। US Department of Labor (लेबर डिपार्टमेंट) ने IT सर्विसेज की बड़ी कंपनी Cognizant की PERM के तहत फाइलिंग को सस्पेंड कर दिया है। इस खबर के बाद PERM प्रक्रिया और इसके जरिए मिलने वाले रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
लेकिन आखिर PERM क्या है, यह कैसे काम करता है और H-1B से यह किस तरह अलग है? आइए पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है PERM?
PERM का पूरा नाम Program Electronic Review Management है। यह अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली एक महत्वपूर्ण लेबर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया है। इसके जरिए कोई अमेरिकी नियोक्ता (Employer) आम तौर पर किसी विदेशी कर्मचारी को नौकरी के आधार पर Green Card के लिए स्पॉन्सर करने से पहले अमेरिकी श्रम विभाग से लेबर सर्टिफिकेशन प्राप्त करता है।
सरल शब्दों में, PERM प्रक्रिया का उद्देश्य यह जांचना है कि किसी विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से नौकरी देने से अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार के अवसर, वेतन या काम करने की परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ेगा।
PERM फाइलिंग कौन करता है?
PERM प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि इसे कर्मचारी स्वयं नहीं, बल्कि Employer कर्मचारी की ओर से फाइल करता है। आम वीज़ा एप्लीकेशन की तुलना में इसे इस तरह समझा जा सकता है कि PERM में नियोक्ता यह साबित करने की प्रक्रिया से गुजरता है कि संबंधित पद के लिए विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से नियुक्त करना अमेरिकी श्रम बाजार के हितों के खिलाफ नहीं है।
PERM फाइल करने से पहले क्या करना होता है?
PERM आवेदन दाखिल करने से पहले Employer को निर्धारित नियमों के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।
- सबसे पहले संबंधित नौकरी के लिए Prevailing Wage (प्रचलित वेतन) निर्धारित करवाना होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी कर्मचारी को उस पद और क्षेत्र के लिए निर्धारित उचित वेतन से कम भुगतान न किया जाए।
2. भर्ती प्रक्रिया पूरी करना
- इसके बाद Employer को निर्धारित नियमों के अनुसार Recruitment Process (भर्ती प्रक्रिया) पूरी करनी होती है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि संबंधित पद के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध हैं या नहीं और विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से अमेरिकी श्रमिकों के अवसरों पर कोई नकारात्मक प्रभाव तो नहीं पड़ेगा।
PERM अप्रूव होने के बाद क्या होता है?
जब US Department of Labor PERM आवेदन को Certify कर देता है, तो Employer रोजगार आधारित Green Card प्रक्रिया के अगले चरण की ओर आगे बढ़ सकता है। इसलिए PERM को अमेरिका में रोजगार आधारित स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
क्या है Green Card?
Green Card संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा जारी किया जाने वाला आधिकारिक पहचान दस्तावेज है। यह किसी व्यक्ति को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने का अधिकार देता है। हालांकि, Green Card प्राप्त करने की प्रक्रिया कई चरणों वाली हो सकती है और PERM उनमें से रोजगार-आधारित मामलों में एक महत्वपूर्ण चरण है।
PERM प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?
PERM व्यवस्था का मूल उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है। इसके तहत यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि किसी विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से नियुक्त करने से:
- अमेरिकी कर्मचारियों के नौकरी के अवसर प्रभावित न हों।
- अमेरिकी श्रमिकों के वेतन पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
- काम करने की परिस्थितियों पर प्रतिकूल असर न पड़े।
इस प्रकार PERM प्रक्रिया Employer को यह स्थापित करने की दिशा में ले जाती है कि संबंधित विदेशी कर्मचारी की स्थायी नियुक्ति अमेरिकी श्रम बाजार के लिए अनुचित नुकसान पैदा नहीं करेगी।
H-1B और PERM में क्या अंतर है?
H-1B और PERM को एक ही प्रक्रिया समझना सही नहीं है। दोनों का उद्देश्य और कानूनी स्वरूप अलग-अलग है।
H-1B क्या है?
H-1B एक अस्थायी Non-Immigrant Work Visa है। इसके माध्यम से अमेरिकी Employer को कुछ विशेष प्रकार की नौकरियों, जिन्हें Specialty Occupations कहा जाता है, में योग्य विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति मिलती है। अर्थात H-1B मुख्य रूप से अस्थायी रोजगार से संबंधित है।
PERM क्या है?
इसके विपरीत, PERM स्थायी निवास (Permanent Residency) हासिल करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
Cognizant की PERM फाइलिंग का मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
Cognizant जैसी बड़ी IT सर्विस कंपनी के मामले में PERM फाइलिंग का सस्पेंड होना रोजगार-आधारित अमेरिकी इमिग्रेशन प्रक्रिया के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी फाइलिंग के सस्पेंड होने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि संबंधित सभी H-1B या Green Card मामलों को समाप्त कर दिया गया है। PERM और H-1B अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
इसलिए इस मामले को समझने के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है कि H-1B अस्थायी रोजगार से जुड़ा है जबकि PERM रोजगार आधारित स्थायी निवास की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है।
| H-1B | PERM |
|---|---|
| अस्थायी वर्क वीज़ा | स्थायी निवास की प्रक्रिया का हिस्सा |
| Non-Immigrant Visa | Employment-based Green Card प्रक्रिया से जुड़ा |
| Specialty Occupations में विदेशी पेशेवरों के रोजगार के लिए | विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से स्पॉन्सर करने से पहले लेबर सर्टिफिकेशन |
| Employer विदेशी कर्मचारी को नियुक्त कर सकता है | Employer द्वारा कर्मचारी के लिए प्रक्रिया शुरू की जाती है |

